पर्यटक स्थल

अगमकुआँ  :

अशोक कालीन भग्नावषेश का हिस्सा रहा इस  कुआँ का पानी कभी ख़तम नहीं हुआ |

तख़्त हरमंदिर साहिब :

सिखों के दसवें गुरु श्री गोविन्द सिंह जी का जन्म स्थल है | 1666 ई. में जन्मे गुरु साहब के आरम्भिक दिनों से जुडी कई स्थल आज भी देखे जा सकते हैं | गुरुद्वारा पटना साहेब का निर्माण महाराजा रंजित सिंह ने करवाया था|

पटना अजायबघर :

यह एक समृद्ध प्राचीन  कलाकृतियों का संग्रहालय है जो 1917 में बना बिहार का सबसे पुराना मुजियम है जो ऐतिहासिक धरोहरों से भरा है |

पत्थर की मस्जिद :

1621 ई. का यह मस्जिद जहागीर का बेटा परवेजशाह ने बनवाया था जो तब बिहार का गवर्नर था |

पादरी की  हवेली :

यह 1772 ई. में वेटिकन वास्तुकार टिर्रेतो द्वारा बनाया यह  बिहार का सबसे पुराना चर्च है |

तारा मंडल :

यह अधुनिक खगौल विज्ञान और आकाशीय पिंडो कि जानकारी देता है |

श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र :

यहाँ  विज्ञान आधारित सिधान्तो का व्यवहारिक पक्ष  यन्त्रो और माडलों के द्वारा दर्शाया गया है |

संजय गाँधी जैविक उद्यान:

पटना के बेली रोड पर स्थित यह उद्यान पक्षी, जानवरों एवं फुल-फल के पौधों-पेड़ो के भरा पूरा है जो देश विदेश के कई हिस्सों से लाये गये है | यहाँ के कृत्रिम झील में नौकायन किया जा सकता है साथ ही खिलौना रेल से उद्यान के विभिन्न भाग को देखा जा सकता है |

गोलघर :

अंग्रेजो द्वारा अंनाज संग्रह के लिए इसे बिहार के भीषण आकाल के बाद बनवाया गया था किन्तु इसका पूरा उपयोग नहीं हो पाया |

इको पार्क :

पटना के मध्य यह एक अत्यंत मनोरम बाग है जिसमे कई तरह के पेड़-पौधे और घास के मैदान है | बाग में एक झील भी हा और टहलने वालो के लिए ट्रैक भी है |

बुद्ध स्मृति पार्क :

पटना स्टेसन के पर बनाये गये इस सुरम्य बाग में एक बुद्ध स्तूप है और एक तरफ विपसना केंद्र भी है | यहाँ ऐतहासिक गौरव पर आधारित लेजर द्वारा दृश्य श्रव्य कार्यक्रम भी होता है |