अर्थव्यवस्था

पटना प्राचीन काल से कृषि और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा रहा है | यहाँ से मुख्यत अनाज, ईख , तीसी और चावल का निर्यात होता रहा है | पटना के आस पास कई चीनी मिली रहीं है | यह मुख्यत  व्यापार और विलासिता सामग्रियों के ब्रांड केंद्र के रूप में विख्यात रहा है |

पटना कि अर्थव्यवस्था 2005  से सतत विकास की रही है | यह मुख्य रूप से रोजमर्रा के उपभोग सामग्री उद्योग, सेवा क्षेत्र और हरित क्रान्ति उद्योग से प्रोत्साहित रही है | 2009 ने विश्व बैंक ने पटना को उद्योग शुरू करने के लिय भारत का दूसरा सबसे अच्छा जगह माना | 2015 में प्रति व्यक्ति सकल घरेलु उत्पाद पटना का रू. 106000 तथा सकल घरेलु उत्पाद दर 7.89 प्रतिसत रही है |

पटना विश्व का 21 वी सबसे बड़ी तेजी से विकसित हो रहा शहर माना गया है तथा भारत में यह पांचवे स्थान पर है , इसके विकास की औसत गति 3.72 प्रतिसत है |